Shayri mood

दिल की गहराई तुम क्या जानो सनम रूह छिटक जाती है तेरी याद आने पे, दर्द सिर्फ रुसवा है तेरी मुस्कुराहट पर  जिंदगी एक जनाजा है तेरी मोहब्बत के सिवा , तू नही जान सकती मेरी चैन e बेचेनी तुझे तो सिर्फ दर्द देना आता है पर हम भी है कट्टर आशिक़ तेरी यादों की अंगड़ाई को अपना हम सफर मान जिंदगी बीता देगे

रात की रुस्वाही चांद की चांदनी सी शीतल है जो सिर्फ में जानू सिर्फ में जानु वक़्त की चाल तेरी यादों के जख्मो को भरता जा रहा है परंतु मेरी आशिक़ी बस तूम ही हो

में ढूढ लूंगा तेरी यादों को मिटाने का मरहम पर तेरी इतनी परवाह करने वाला तू कहा स दुड़ेगी

हम तेरी चाहत में मार नही सकते पर तुझपर मरने वाला भी पैदा नही होगा तेरी इस रुसवाई को देखकर , हमको जिंदा रहना ह सिर्फ तेरी यादों की चाह में बस इंतजार तेरी चाहत की आशिक़ी का बस जीना है तेरी चाहत की यादों में ..

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